रियाद और अबहा के हवाई अड्डों पर हमलों में 36 लोग घायल; सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हौथी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की
यमन के हौथी विद्रोहियों के सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हुए। हमले रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और दक्षिण-पश्चिमी शहर अबहा के हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए।
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, रियाद में एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए। अबहा हवाई अड्डे पर दो महिलाओं की मौत हुई, जिनमें एक मोरक्को और दूसरी अल्जीरिया की नागरिक थीं। वहां 28 लोग घायल हुए।
हौथियों ने हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हौथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि समूह सऊदी हवाई क्षेत्र को निशाना बनाना जारी रखेगा। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सऊदी गठबंधन की जवाबी कार्रवाई
हमलों के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हौथी ठिकानों के खिलाफ व्यापक सैन्य कार्रवाई की। गठबंधन के अनुसार, उसने यमन में 82 हौथी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें सादा के पहाड़ी इलाकों में बैलिस्टिक मिसाइलों के भंडारण से जुड़ी 11 सुविधाएं शामिल थीं।
अन्य लक्ष्यों में कमांड और नियंत्रण केंद्र, संचार सुविधाएं, मिसाइल एवं हथियार डिपो तथा हौथी लड़ाकों के जमावड़े से जुड़े स्थान शामिल थे। जवाबी कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब यमन में संघर्ष एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है।
यमन में फिर तेज हुई लड़ाई
ईरान समर्थित हौथियों और सऊदी अरब के समर्थन वाली यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच संघर्ष में हाल के दिनों में तेजी आई है। 2022 में संघर्षविराम के बाद बनी अपेक्षाकृत शांति अब काफी हद तक खत्म हो चुकी है।
हौथियों ने जुलाई में सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकाबंदी की धमकी भी दी थी। इसके बाद यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं।
सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों ने बाब अल-मंदब के आसपास के इलाकों पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने के लिए अभियान तेज किया है। यह क्षेत्र लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
बाब अल-मंदब का बढ़ता रणनीतिक महत्व
बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। लाल सागर से होकर गुजरने वाले जहाजों के लिए इस क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां गंभीर सुरक्षा चिंता पैदा कर रही हैं।
यमन में संघर्ष के बढ़ने से सऊदी अरब की सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ी हैं। हवाई अड्डों पर हालिया हमले यह संकेत देते हैं कि संघर्ष का प्रभाव यमन की सीमाओं से आगे निकलकर सऊदी क्षेत्र के महत्वपूर्ण नागरिक और रणनीतिक ठिकानों तक पहुंच रहा है।
सऊदी अरब की व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं और पड़ोसी देशों के साथ उसके कूटनीतिक प्रयासों की पृष्ठभूमि में रियाद की क्षेत्रीय सुरक्षा कूटनीति भी महत्वपूर्ण हो गई है।
यमन में मानवीय संकट गहराया
सैन्य संघर्ष बढ़ने के साथ यमन में मानवीय स्थिति भी खराब हो रही है। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के अनुसार, हालिया लड़ाई शुरू होने के बाद से 2 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। लगातार सैन्य अभियानों और असुरक्षा ने पहले से गंभीर मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है।
नागरिक इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के आसपास बढ़ती सैन्य गतिविधियों से आम लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। हवाई अड्डों पर हुए हालिया हमलों में विदेशी नागरिकों की मौत भी संघर्ष के व्यापक मानवीय प्रभाव को रेखांकित करती है।
हौथियों की आगे हमले की चेतावनी
हौथियों ने संकेत दिया है कि सऊदी अरब के खिलाफ उनके हमले जारी रह सकते हैं। दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन हौथी सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए हवाई हमलों को तेज कर रहा है। इससे संघर्ष के और बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।
हालांकि सैन्य कार्रवाई से कुछ हौथी ठिकानों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है, लेकिन यमन के लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष का कोई आसान सैन्य समाधान नजर नहीं आता। क्षेत्रीय शक्तियों की प्रतिद्वंद्विता, समुद्री सुरक्षा और मानवीय संकट एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ता टकराव
सऊदी हवाई अड्डों पर हमले और यमन में जवाबी कार्रवाई इस बात का संकेत हैं कि लंबे समय से चले आ रहे यमनी संघर्ष का दायरा फिर बढ़ रहा है। यदि हवाई और समुद्री हमले जारी रहते हैं, तो इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापारिक समुद्री मार्गों और पहले से संकटग्रस्त यमनी आबादी पर पड़ सकता है।
फिलहाल, रियाद और अबहा पर हुए हमलों के बाद सऊदी अरब की सैन्य प्रतिक्रिया ने संघर्ष को एक नए और अधिक खतरनाक चरण में पहुंचा दिया है।

