Thursday, October 1, 2026

खाद की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ सड़क पर उतरी इनेलो

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इंडियन नेशनल लोकदल ने खाद की बढ़ाई गई कीमतों को वापस लेने और गेहूं की खरीद करने के लिए मंडियों में बारदाने की उचित व्यवस्था करने की मांग को लेकर जिला स्तरीय प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।

हिसार: खाद की बढ़ाई गई कीमतों को वापस लेने और गेहूं की खरीद करने के लिए मंडियों में बारदाने की उचित व्यवस्था करने की मांग को लेकर इंडियन नेशनल लोकदल ने आज जिला स्तरीय प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।

प्रदर्शन का नेतृत्व इनेलो के वरिष्ठ नेता सुनील लाम्बा ने किया और अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सतबीर सिसाय ने की।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील लाम्बा ने कहा कि खाद की कीमतों में की गई बेतहाशा वृद्धि किसानों पर बहुत बड़ी मार है।

इसका भार ना केवल किसानों अपितु आम आदमी पर भी पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के निर्णय के अनुसार खाद की कीमतों में 50 प्रतिशत से लेकर 60 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।

डीएपी पर 60 प्रतिशत वृद्धि तथा अन्य खादों एनपीके आदि पर 50-55 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।

यह वृद्धि ऐसे समय में की गई है जबकि खरीफ की फसलों की एमएसपी पहले ही घोषित हो चुकी है जिसमें पिछले साल की एमसपी पर लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है जो किसानों के साथ भद्दा मजाक है।

किसानों को बढ़ी हुई कीमतों पर खाद खरीदनी पड़ेगी, जिससे फसल के लागत मूल्य में भारी वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि कृषि पहले ही घाटे का सौदा बनकर रह गई है।

पेट्रोल-डीजल के दाम भी आसमान को छू रहे हैं जिससे फसलों के लागत मूल्य में भारी वृद्धि हुई हैं।

सरकार एक तरफ तो किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है और दूसरी तरफ खाद की कीमतों तथा पेट्रोल-डीजल में भारी वृद्धि कर रही हैं इससे किसान की आय दोगुनी कैसे होगी।

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